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नवजात शिशà¥à¤“ं में सामानà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
आपके नवजात शिशॠको यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जांचा गया होगा कि वह घर जाने के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। हमारे मातृ à¤à¤µà¤‚ शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केंदà¥à¤° के साथ पंजीकरण करने के बाद, आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• नियमित जांच की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की जाà¤à¤—ी। इन पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जांचों का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ किसी à¤à¥€ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ या अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नवजात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पहचान करना है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है, और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के संदरà¥à¤ के लिठआपके बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को रिकॉरà¥à¤¡ करने के लिà¤à¥¤ लेकिन, जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ रोगों सहित सà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इन पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जांचों के माधà¥à¤¯à¤® से पता लगाने योगà¥à¤¯ नहीं हैं और कà¥à¤› केवल बाद में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो सकती हैं। हालांकि यह आम बात नहीं है, लेकिन छोटे बचà¥à¤šà¥‡ (विशेषकर नवजात शिशà¥) बीमार हो सकते हैं और काफी जलà¥à¤¦à¥€ उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। इसलिठयह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि आपको पता हो कि चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सलाह कब लेनी है।
पेट की गड़बड़ी – à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जब पेट अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बाहर लटक रहा हो। कबà¥à¤œ का बने रहना इसका à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ का पेट छूने में बहà¥à¤¤ हारà¥à¤¡ हो। इसका मतलब गैस हो सकता है। लेकिन अगर ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी रहती है तो यह आंतों के विकार का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। कोलिक (Colic) के कारण पेट में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° रोने वाले बचà¥à¤šà¥‡ या तो कोलिक (Colic) या सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित होते हैं।
जनà¥à¤® के दौरान की चोटें – लंबे समय तक चले पà¥à¤°à¤¸à¤µ के मामलों में शिशॠको चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। आमतौर पर किसी à¤à¤• कंधों में। à¤à¤¸à¤¾ डिलीवरी के दौरान खींचने के कारण होता है। यहां हो सकता है – कà¥à¤²à¤¾à¤µà¤¿à¤•à¥à¤²à¥‡ कà¥à¤²à¤¾à¤µà¤¿à¤•à¥à¤²
बà¥à¤°à¥‹à¤•न कà¥à¤²à¤¾à¤µà¤¿à¤•à¥à¤² – जिसे तब उपचार के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤° किया जाता है। साइट पर à¤à¤• छोटी सी गांठअचà¥à¤›à¥€ चिकितà¥à¤¸à¤¾ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
यूनिलैटरल शोलà¥à¤¡à¤° वीकनेस – जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सबसे आम है। मांसपेशियों और नरà¥à¤µ सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से यह बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ ही ठीक हो सकता है।
घायल बचà¥à¤šà¥‡ की उचित देखà¤à¤¾à¤² का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है ताकि वे ठीक हो सकें।
डायपर रैश – बेहद सामानà¥à¤¯à¥¤ अपने से या नारियल का तेल लगाने से ठीक हो जाता है। बचà¥à¤šà¥‡ को सूखा और साफ रखें।
डायरिया – बहà¥à¤¤ आम। अपने से ठीक हो सकता है। 6 महीने से ऊपर के शिशà¥à¤“ं में चीनी, नमक और जिंक पानी में मिलकर दें। ताकि बचà¥à¤šà¥‡ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखा जा सके।
पीलिया – à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ लकà¥à¤·à¤£ है जो बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ हो सकता है या फिर जटिलताओं à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। रकà¥à¤¤ में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की अधिकता के कारण पीलिया होता है। यह लिवर के विकास में देरी के कारण होता है। इससे नरà¥à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤à¤š सकता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ चेहरे और फिर पूरे शरीर और आंखों पर à¤à¥€ दिखाई देने लगते हैं। अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ फेनिलकेटोनà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¤¬à¥€à¤“ असंगति हो सकती हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ फीडिंग के लिहाज से अचà¥à¤›à¥‡ पोषण के साथ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ वॉयलेट लाइट टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में दिया जाता है।
थकान और थकावट – नवजात को आमतौर पर दिन में 12-18 घंटे चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर वे हर समय नींद में रहते हों और à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के बाद थक जाते हों, तो इसका मतलब गंà¤à¥€à¤° बीमारी हो सकता है।
सांस लेने में तकलीफ – जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशà¥à¤“ं को सांस लेने की सामानà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में थोड़ा समय लगता है, लेकिन अगर साà¤à¤¸ कम होती है, तो तेज़ गति के साथ-साथ कंधे की खराबी या कंधे की खराबी बढ़ जाती है, नाक का फड़कना मतलब असà¥à¤¥à¤®à¤¾ या इस तरह के शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° से संबंधित गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
खांसी गले की सफाई का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीका है, लेकिन यदि यह लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ गैगिंग के साथ रहता है, तो फेफड़े और पाचन तंतà¥à¤° के में विकार का संकेत हो सकता है।
चिड़चिड़ापन – अगर कोई बचà¥à¤šà¤¾ चिड़चिड़ा है और बिना किसी कारण के रोता है तो यह लगà¤à¤— सà¤à¥€ बीमारियों में मौजूद à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है।
फोरसेप मारà¥à¤• – चेहरे या सिर पर लाल निशान जो अंततः जनà¥à¤® के à¤à¤• महीने के साथ गायब हो जाते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा दिया जाता है और इसके बजाय à¤à¤• वैकà¥à¤¯à¥‚म का उपयोग किया जाता है जो बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकोई जोखिम को कम करता है।
बà¥à¤²à¥‚ बेबीज़ – ठंड की वजह से हो सकता है, लेकिन अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कान और नाखूनों में बदलाव के साथ बनी रहती है, तो यह दिल की खराबी का संकेत है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने और दूध पिलाना में कठिनाई होती है तो ततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
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